इनकम टैक्स पोर्टल क्रैश: करदाताओं की मुश्किलें और आगे की राह

इनकम टैक्स पोर्टल क्रैश: करदाताओं की मुश्किलें और आगे की राह



जब आख़िरी तारीख नज़दीक हो और सिस्टम ही काम न करे — क्या करदाताओं की आवाज़ सुनी जाएगी?”

सितंबर 2025 में, भारत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फ़ाइल करने की तय तारीख करीब आने पर इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर भारी तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। करदाता, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स सोशल मीडिया पर #IncomeTaxPortalCrash जैसे हैशटैग्स के ज़रिए अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं। पोर्टल डाउन होना, लॉगिन न हो पाना, AIS/ Form 26AS /TIS जैसे दस्तावेज़ न मिलना, OTP या ट्रांज़ैक्शन में समस्याएँ आदि परेशानियों में शामिल हैं। 

समस्याएँ क्या-क्या सामने आ रही हैं?

1. बहुत ज़्यादा ट्रैफ़िक — एक साथ बहुत सारे लोग लॉग इन करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सर्वर लोड बढ़ रहा है और सिस्टम स्लो या क्रैश हो रहा है। 


2. दस्तावेज़ डाउनलोड में परेशानी — AIS, Form 26AS, TIS आदि डाउनलोड नहीं हो पा रहे हैं या सही से खुल नहीं रहे। 


3. Utilities, Forms रिलीज़ में देरी — नए ITR फ़ॉर्म्स, टैक्स ऑडिट से जुड़े फ़ॉर्म और अन्य ज़रूरी टूल्स समय पर उपलब्ध नहीं हुए। 


4. टेक्निकल एरर और लॉग आउट हो जाना — बग्स, सत्र समाप्त होना (session timeout), validation errors आदि परेशानियों में शामिल हैं। 

5. अपर्याप्त समय — कामकाजी दिन कम होने, त्योहारों के बीच overlapping compliance तारीखें होने की वजह से करदाताओं पर समय की कमी पड़ी है।

क्या प्रतिक्रिया हुई? 

https://x.com/akhilpachori/status/1967164756072247488?t=hpDyTl0YTzQ2jdRwEsxdDQ&s=19

https://x.com/camalhotra/status/1966760603017437605?t=bXC2aRNuPwUfUntzbz_7rQ&s=19



करदाता और CAs सोशल मीडिया पर अपनी परेशानियाँ बता रहे हैं, पोर्टल को सही करने की गुज़ारिश कर रहे हैं। 


करदाताओं के लिए सुझाव

यदि आप इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो ये उपाय आज़मा सकते हैं:

पोर्टल पर कम ट्रैफ़िक वाले समय चुनें — जैसे सुबह जल्दी या देर शाम।

ब्राउज़र कैश और कुकीज़ क्लियर करें, यदि संभव हो तो दूसरे ब्राउज़र या डिवाइस से कोशिश करें।

ज़रूरी दस्तावेज़ पहले तैयार रखें, ताकि जैसे ही पोर्टल खुले तो डाउनलोड / अपलोड आसानी से हो सके।

यदि ZIP, utility, या फ़ॉर्म रिलीज़ में देरी है, तो चैनलों (professional bodies) के माध्यम से extension की गुज़ारिश करें।

यदि किसी deadline से चूक हो जाए तो जान लें कि Belated Return विकल्प मौजूद है, लेकिन उसके दंड और ब्याज के प्रावधान होते हैं। 


सरकार और विभाग को ध्यान देने योग्य बातें

पोर्टल की क्षमता (server capacity) बढ़ाना चाहिए, ताकि peaks के दौरान system crash न हो।

फ़ॉर्म्स, utilities आदि का रिलीज़ समय पर होना चाहिए, ताकि करदाता और CA-professionals के पास पर्याप्त समय हो।

किसी आपदा या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में स्पष्ट वैकल्पिक रवैया (relief measures) होना चाहिए — जैसे deadline extension, validation relaxations इत्यादि।

लगातार feedback और शिकायतों का त्वरित जवाब देना चाहिए, ताकि भरोसा बना रहे।

ITR फ़ाइलिंग का समय हर करदाता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जब सरकार ने नियम बनाए हैं, तो उसकी बुनियादी ज़िम्मेदारी है कि सिस्टम सुचारू रूप से चले और करदाताओं को अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े। इस साल जो परेशानियाँ सामने आई हैं, उन्हें हल करना ज़रूरी है — न सिर्फ़ करदाताओं की सुविधा के लिए बल्कि न्याय और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी।

आख़िरी तारीख यानी 15 सितंबर 2025 आ रही है; इसलिए देर ना करें, अभी जो तैयार हो सकते हैं तैयारी कर लें, और ज़रूरत पड़े तो extension की मांग में शामिल हों।

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